₹50 हजार से सीधे ₹1,00,000 पहुंच जाएगी सैलरी! 8वें पे कमीशन का पूरा कैलकुलेशन समझिए

8th Pay Commission – 8वें वेतन आयोग को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इससे सरकारी कर्मचारियों की सैलरी कितनी बढ़ेगी। नए आयोग के लागू होते ही कर्मचारियों की सैलरी में जबरदस्त उछाल देखने को मिलेगा। माना जा रहा है कि मौजूदा वेतन 50 हजार रुपये तक पाने वाले कर्मचारियों की सैलरी सीधे 1 लाख रुपये के आसपास पहुंच सकती है। इसका कारण है ‘फिटमेंट फैक्टर’ जो हर वेतन आयोग में एक बड़ी भूमिका निभाता है। 7वें वेतन आयोग में यह फैक्टर 2.57 रखा गया था, जबकि 8वें पे कमीशन में इसके बढ़कर 3.68 या उससे अधिक होने की उम्मीद है। अगर ऐसा होता है तो बेसिक पे में भारी वृद्धि तय मानी जा रही है। इसके साथ ही डीए, एचआरए और अन्य भत्तों में भी बड़ी बढ़ोतरी होगी। इससे न केवल कर्मचारियों की जेब भारी होगी बल्कि पेंशनधारकों को भी लाभ पहुंचेगा।

8th Pay Commission
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8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर का असर

8वें पे कमीशन के तहत जो सबसे अहम बदलाव देखने को मिल सकता है, वह फिटमेंट फैक्टर से जुड़ा है। यह फैक्टर तय करता है कि कर्मचारियों का नया बेसिक पे कितना बढ़ेगा। अगर 7वें पे कमीशन का फिटमेंट फैक्टर 2.57 था और अब इसे 3.68 तक बढ़ा दिया जाता है, तो इसका सीधा असर सैलरी पर पड़ेगा। उदाहरण के लिए, यदि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी अभी 50,000 रुपये है, तो 3.68 के फैक्टर से यह करीब 1,00,000 रुपये तक पहुंच सकती है। इसमें डीए और अन्य अलाउंसेस जुड़ने के बाद कुल सैलरी और अधिक बढ़ जाएगी। यही कारण है कि कर्मचारी संगठनों की मांग है कि 8वें आयोग में इस फैक्टर को अधिकतम रखा जाए ताकि वास्तविक मुद्रास्फीति का असर उनकी आय पर कम पड़े।

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सैलरी बढ़ोतरी का कैलकुलेशन कैसे किया जाएगा?

वेतन आयोग की रिपोर्ट के आधार पर सरकार हर ग्रेड और स्तर के कर्मचारियों के लिए नया वेतन मैट्रिक्स तैयार करती है। इसमें बेसिक पे को फिटमेंट फैक्टर से गुणा करके नई सैलरी तय की जाती है। जैसे, यदि बेसिक पे ₹50,000 है और फिटमेंट फैक्टर 3.68 है, तो नई बेसिक सैलरी ₹1,84,000 होगी। हालांकि वास्तविक इन-हैंड सैलरी में कुछ कटौतियां जैसे PF और टैक्स के बाद बदलाव होते हैं। इसी प्रकार HRA, TA और अन्य भत्ते जोड़ने पर कुल सैलरी लगभग ₹2 लाख के करीब पहुंच सकती है। यह गणना बताती है कि कैसे एक छोटा फैक्टर कर्मचारियों की आय को लगभग दोगुना कर सकता है और यह पूरे वेतन ढांचे को नई दिशा देता है।

कब लागू होगा 8वां पे कमीशन?

सरकार की ओर से अभी 8वें वेतन आयोग के गठन को लेकर आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है, लेकिन टर्म्स ऑफ रेफरेंस को मंजूरी मिलने के बाद प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ेगी। उम्मीद की जा रही है कि 2026 तक यह आयोग रिपोर्ट पेश करेगा और 1 जनवरी 2027 से इसे लागू किया जा सकता है। इससे लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 70 लाख पेंशनर्स को लाभ होगा। कर्मचारियों की उम्मीदें इस आयोग से बहुत अधिक हैं क्योंकि महंगाई दर लगातार बढ़ रही है और मौजूदा सैलरी से गुज़ारा मुश्किल हो रहा है। अगर सरकार इसे समय पर लागू करती है, तो यह कर्मचारियों के लिए एक ऐतिहासिक राहत साबित हो सकती है।

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पेंशनर्स और रिटायर कर्मचारियों पर प्रभाव

8वें वेतन आयोग का असर केवल काम कर रहे कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि रिटायर हो चुके पेंशनर्स को भी इसका लाभ मिलेगा। जब बेसिक पे बढ़ता है, तो उसी अनुपात में पेंशन भी स्वतः बढ़ जाती है। उदाहरण के लिए, किसी पेंशनर को ₹25,000 मासिक पेंशन मिल रही है, तो फिटमेंट फैक्टर के बढ़ने से यह ₹50,000 या उससे अधिक तक जा सकती है। इसके अलावा डीए रिवीजन से भी उनकी पेंशन में सुधार होगा। इस आयोग के लागू होने से बुजुर्ग और वरिष्ठ नागरिकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और उन्हें बेहतर जीवनस्तर मिल सकेगा। कुल मिलाकर, 8वां वेतन आयोग लाखों परिवारों की आर्थिक तस्वीर बदलने वाला साबित हो सकता है।

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Author: Ruth Moore

Ruth MOORE is a dedicated news content writer covering global economies, with a sharp focus on government updates, financial aid programs, pension schemes, and cost-of-living relief. She translates complex policy and budget changes into clear, actionable insights—whether it’s breaking welfare news, superannuation shifts, or new household support measures. Ruth’s reporting blends accuracy with accessibility, helping readers stay informed, prepared, and confident about their financial decisions in a fast-moving economy.