2025 से OPS की धमाकेदार वापसी! केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद NPS बंद, लाखों कर्मचारियों को मिलेगी बैकडेट पेंशन की मोटी रकम

OPS Returns Update – 2025 से OPS की धमाकेदार वापसी! केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद NPS बंद, लाखों कर्मचारियों को मिलेगी बैकडेट पेंशन की मोटी रकम
2025 में पुराने पेंशन स्कीम (OPS) की फिर से शुरुआत केंद्र सरकार की मंजूरी के साथ एक बड़ी खबर बनकर उभरी है। इस फैसले ने सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों में उत्साह उत्पन्न कर दिया है, क्योंकि लंबे समय से चल रही शिकायतों और असंतोष के बाद उनकी पेंशन सरकार द्वारा सम्मान और सुरक्षा के साथ दी जाएगी। राष्ट्रीय पेंशन सिस्टम (NPS) को बंद कर दिया गया है, जिससे यह स्पष्ट हुआ है कि सरकार अब पुराने कर्मचारियों को उनकी सेवा के वर्षों के लिए पिछली पेंशन देनदारियों को मानती है।

OPS Returns Update
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सरकारी मंजूरी और नीति परिवर्तन

सरकार की ओर से OPS लौटाने का यह निर्णय एक लंबे समय से चल रही मांग का परिणाम है। नीति बनाने वालों ने कर्मचारियों की पेंशन सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और इस मुद्दे पर व्यापक विचार-विमर्श के बाद यह फैसला लिया गया है। NPS को बंद कर पुराने पेंशन स्कीम में वापसी करना एक साहसिक कदम माना जा रहा है, क्योंकि इससे केंद्र को वित्तीय भार स्थापित करना होगा। परंतु, सरकार ने यह भरोसा दिलाया है कि यह कदम दीर्घकालिक रूप से कर्मचारियों के हित में है।

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लाखों कर्मचारियों के लिए व्यापक लाभ

OPS की वापसी से करोड़ों सरकारी कर्मचारियों को प्रत्यक्ष लाभ होगा। पहले NPS में योगदान करने वाले कर्मचारी अब सुनिश्चित पेंशन की ओर लौटेंगे, जिससे उनकी सेवानिवृत्ति में वित्तीय स्थिरता बनेगी। खासकर उन कर्मचारियों के लिए जो अपनी नौकरी के अधिक वर्षों के बाद पेंशन पर निर्भर हैं, यह निर्णय जीवन बदलने वाला हो सकता है। बैकडेट पेंशन के रूप में उन्हें उनकी पिछली सेवाओं के लिए अतिरिक्त भुगतान मिलेगा, जिससे उनके वितरक संवितरण में मजबूती आएगी। इसके अलावा यह नीति नए कर्मचारियों को भी लुभाएगी, क्योंकि यह सुनिश्चित करती है कि भविष्य में वे पारंपरिक पेंशन मॉडल का लाभ उठा सकें। इससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, और सरकारी सेवा आकर्षक और सम्मानजनक विकल्प बनकर उभरेगी।

बैकडेट पेंशन की गणना कैसे होगी?

बैकडेट पेंशन की गणना कई महत्वपूर्ण घटकों पर आधारित होगी। सबसे पहले, उन वर्षों की सेवा को ध्यान में रखा जाएगा जो कर्मचारी ने NPS के माध्यम से दिए थे, और जिसके लिए उन्हें अभी तक पेंशन अनुदान नहीं मिला है। इसके बाद, उन योगदानों पर अवधि-वार ब्याज और लाभांश की गणना की जाएगी, ताकि कर्मचारियों को उनकी उचित हिस्सेदारी मिल सके। सरकार द्वारा एक कठोर ऑडिट और सत्यापन प्रक्रिया लागू की जाएगी, जिससे कि प्रत्येक कर्मचारी को उसकी सही पेंशन राशि मिले। समयसीमा, वेतनमान, ग्रेड और अन्य सेवा स्थितियों को भी गणना में शामिल किया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बैकडेट पेंशन एक न्यायसंगत और पारदर्शी तरीके से वितरित हो, और कर्मचारी इस परिवर्तन से वित्तीय रूप से पर्याप्त लाभ प्राप्त करें।

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चुनौतियाँ और संभावित वित्तीय दुष्प्रभाव

हालाँकि OPS की वापसी एक स्वागत योग्य कदम है, लेकिन इसके साथ वित्तीय और बजटीय चुनौतियाँ भी जुड़ी हैं। सबसे बड़ी चिंता यह है कि सरकार को बढ़ती पेंशन देनदारियों को कैसे वित्त पोषित करना है, खासकर लंबे समय में। यदि बैकडेट पेंशन राशि बहुत अधिक हो, तो यह सार्वजनिक वित्त पर बोझ डाल सकती है। इसके अलावा, बढ़ती पेंशन भुगतान के कारण बजट में कटौती की आवश्यकता हो सकती है, जिससे अन्य सार्वजनिक सेवाओं पर असर पड़े। आर्थिक अस्थिरता, ब्याज दरों में वृद्धि, और सार्वजनिक राजस्व में कमी जैसी स्थितियाँ इस व्यवस्था की सस्टेनेबिलिटी पर प्रश्न उठा सकती हैं। इसलिए, सरकार को पेंशन पुनरारंभ के इस फैसले को संतुलित बनाने के लिए मजबूती से वित्तीय योजना तैयार करनी होगी और पारदर्शिता सुनिश्चित करनी होगी।

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Author: Ruth Moore

Ruth MOORE is a dedicated news content writer covering global economies, with a sharp focus on government updates, financial aid programs, pension schemes, and cost-of-living relief. She translates complex policy and budget changes into clear, actionable insights—whether it’s breaking welfare news, superannuation shifts, or new household support measures. Ruth’s reporting blends accuracy with accessibility, helping readers stay informed, prepared, and confident about their financial decisions in a fast-moving economy.