Indian Railways – भारतीय रेलवे सीनियर सिटिजंस के लिए एक बार फिर बड़ी राहत की तैयारी कर रहा है। लंबे समय से वरिष्ठ नागरिक रेल किराए में छूट वापस लाने की मांग कर रहे हैं, जिसे अब रेलवे मंत्रालय गंभीरता से विचार कर रहा है। कोरोना महामारी के दौरान यह छूट बंद कर दी गई थी, लेकिन अब यात्रियों और सांसदों के लगातार दबाव के बाद इस पर फिर से चर्चा शुरू हो गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, रेलवे आंतरिक समीक्षा कर रहा है ताकि यह तय किया जा सके कि कितने प्रतिशत की छूट फिर से लागू की जा सकती है और इससे रेलवे के राजस्व पर कितना असर पड़ेगा। खासतौर पर 60 वर्ष से अधिक उम्र के यात्रियों के लिए यह कदम राहतभरा साबित हो सकता है। अगर यह फैसला लागू होता है, तो लाखों सीनियर सिटिजंस को हर यात्रा पर आर्थिक फायदा मिलेगा और रेल यात्रा एक बार फिर उनके लिए सुलभ बन जाएगी।

रेलवे छूट नीति पर फिर से विचार
रेल मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठ नागरिकों को पहले पुरुषों के लिए 40% और महिलाओं के लिए 50% तक की छूट दी जाती थी। हालांकि, कोविड-19 के बाद सरकार ने रेलवे की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए इस नीति को रोक दिया था। अब जब रेलवे का राजस्व स्थिर हो रहा है और ट्रेन संचालन सामान्य हो चुका है, तो मंत्रालय इस सुविधा को दोबारा शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस छूट को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा सकता है, जिससे रेलवे पर वित्तीय दबाव भी न पड़े और सीनियर सिटिजंस को भी राहत मिल सके। संसद में भी कई सांसदों ने इस विषय पर आवाज उठाई है, जिससे संभावना और मजबूत हुई है।
सीनियर सिटिजंस के लिए किराए में संभावित बदलाव
रेलवे सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित योजना में छूट को पहले की तरह सीधा न रखकर कुछ विशेष ट्रेनों और क्लास पर सीमित करने का विचार है। इसका मकसद यह है कि रेलवे की आय पर बड़ा असर न पड़े, लेकिन वरिष्ठ यात्रियों को लाभ भी मिलता रहे। उदाहरण के लिए, छूट केवल स्लीपर और सेकंड क्लास पर दी जा सकती है, जबकि एसी क्लास को फिलहाल इससे बाहर रखा जा सकता है। इसके अलावा, डिजिटल टिकट बुकिंग के जरिए इस छूट को लागू करने पर भी विचार चल रहा है ताकि इसका लाभ सिर्फ वास्तविक सीनियर सिटिजंस तक पहुंचे और दुरुपयोग रोका जा सके। आने वाले महीनों में इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला होने की उम्मीद है।
संसद में उठी आवाज़ और जनता की उम्मीदें
संसद सत्र के दौरान कई सांसदों ने सरकार से सीनियर सिटिजंस की पुरानी छूट बहाल करने की मांग की थी। उनका कहना है कि महंगाई बढ़ने के इस दौर में यह राहत बुजुर्ग यात्रियों के लिए बहुत बड़ी सहूलियत होगी। वहीं, कई सामाजिक संगठनों और नागरिक समूहों ने भी सरकार को ज्ञापन सौंपे हैं। जनता की ओर से भी सोशल मीडिया पर इस विषय को लेकर बड़ी संख्या में प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। लोग चाहते हैं कि सरकार इस फैसले को जल्द से जल्द लागू करे ताकि त्योहारी सीजन से पहले राहत मिल सके।
निर्णय की संभावित तारीख और आगे की प्रक्रिया
रेलवे मंत्रालय इस विषय पर दिसंबर 2025 से पहले अंतिम निर्णय ले सकता है। यदि मंजूरी मिलती है, तो जनवरी 2026 से यह छूट दोबारा लागू हो सकती है। मंत्रालय फिलहाल छूट की सीमा, पात्रता और तकनीकी प्रक्रियाओं पर काम कर रहा है। माना जा रहा है कि निर्णय लेने से पहले इसे कैबिनेट समिति में प्रस्तुत किया जाएगा। अगर सब कुछ योजना के अनुसार हुआ, तो नए साल की शुरुआत सीनियर सिटिजंस के लिए बड़ी खुशखबरी लेकर आ सकती है। यह कदम न केवल यात्रियों को राहत देगा बल्कि रेलवे की सामाजिक जिम्मेदारी को भी मजबूत करेगा।
