School Holidays – स्कूलों में चार दिन की लगातार छुट्टियों की घोषणा छात्रों और अभिभावकों दोनों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। 6, 7, 8 और 9 नवंबर तक स्कूल बंद रहने का आदेश शिक्षा विभाग द्वारा जारी किया गया है। विभाग ने यह निर्णय त्योहारों और विशेष आयोजनों को ध्यान में रखते हुए लिया है ताकि बच्चे और शिक्षक दोनों को पर्याप्त विश्राम मिल सके। लगातार छुट्टियों के कारण छात्रों को पढ़ाई से थोड़ी राहत मिलेगी और परिवारों को एक साथ समय बिताने का अवसर भी मिलेगा। इस आदेश से खासकर छोटे बच्चों के अभिभावक खुश हैं क्योंकि वे लंबे समय से बच्चों के लिए आराम की मांग कर रहे थे। वहीं शिक्षकों को भी इस अवधि में नए शैक्षणिक सत्र की तैयारी का मौका मिलेगा।

शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश, सभी स्कूल रहेंगे बंद
शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश में साफ कहा गया है कि 6 नवंबर से लेकर 9 नवंबर तक सभी सरकारी और निजी स्कूल बंद रहेंगे। विभाग ने यह निर्णय राज्यभर के जिलों को भेजे पत्र के माध्यम से घोषित किया है। इस अवधि में किसी भी प्रकार की शैक्षणिक गतिविधि नहीं होगी और स्कूल कैंपस पूरी तरह बंद रहेंगे। आदेश के अनुसार, छुट्टियों का कारण आगामी पर्व और प्रशासनिक कार्य हैं जिनके चलते यह निर्णय आवश्यक माना गया। अभिभावकों से अपील की गई है कि वे इस अवधि में बच्चों को घर पर सुरक्षा और अनुशासन का ध्यान रखने की सलाह दें। वहीं कुछ स्कूलों ने इन दिनों को अपने वार्षिक रखरखाव के लिए भी उपयोग करने की योजना बनाई है।
छात्रों और शिक्षकों के लिए राहत भरे दिन
लगातार चार दिन की छुट्टियां छात्रों और शिक्षकों दोनों के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से ताजगी का अवसर लेकर आई हैं। पूरे सत्र में लगातार अध्ययन और परीक्षाओं के दबाव के बाद यह विश्राम का समय उनके लिए उपयोगी रहेगा। कई अभिभावक इस मौके का इस्तेमाल बच्चों को सांस्कृतिक या पारिवारिक आयोजनों में शामिल करने के लिए कर सकते हैं। वहीं शिक्षकों को भी इस अवधि में शैक्षणिक सामग्री तैयार करने और आगामी कार्यों की रूपरेखा बनाने का अवसर मिलेगा। इस निर्णय से शिक्षण संस्थानों में भी प्रसन्नता का माहौल है क्योंकि यह समय उन्हें भी ऊर्जा पुनः प्राप्त करने का मौका देता है।
त्योहारों को ध्यान में रखकर किया गया फैसला
6 से 9 नवंबर की अवधि में कई स्थानीय और राष्ट्रीय पर्व आते हैं जिनकी वजह से स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया है। विभाग का मानना है कि इस समय शहरों में यातायात और भीड़भाड़ बढ़ जाती है जिससे छात्रों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। इसलिए छुट्टियां घोषित करना एक व्यावहारिक निर्णय माना गया है। इससे न केवल शिक्षण व्यवस्था को थोड़ी राहत मिलेगी बल्कि अभिभावकों को भी अपने बच्चों के साथ त्योहार मनाने का अवसर मिलेगा। त्योहारों के बाद स्कूल पुनः सामान्य समय पर खुलेंगे और नई ऊर्जा के साथ शिक्षण कार्य प्रारंभ होगा।
अभिभावकों और छात्रों में खुशी की लहर
जैसे ही छुट्टियों का आदेश जारी हुआ, छात्रों और अभिभावकों में खुशी की लहर दौड़ गई। कई परिवारों ने इन चार दिनों को घूमने या रिश्तेदारों से मिलने के अवसर के रूप में देखना शुरू कर दिया है। छात्रों के चेहरों पर मुस्कान है और वे इस अवधि को आनंदपूर्वक बिताने की तैयारी कर रहे हैं। दूसरी ओर, शिक्षकों ने भी इस समय का उपयोग अपनी योजनाओं को पुनः व्यवस्थित करने के लिए तय किया है। शिक्षा विभाग का यह कदम सभी के लिए स्वागत योग्य माना जा रहा है क्योंकि इससे न केवल शिक्षा व्यवस्था को विश्राम मिलेगा बल्कि समाजिक और पारिवारिक संबंध भी मजबूत होंगे।
