RBI Bank New Rules 2025 – आरबीआई ने 2025 में बैंकों से जुड़े कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जिनमें सबसे बड़ा बदलाव ‘नॉमिनी नियम’ को लेकर आया है। अब अगर किसी व्यक्ति का बैंक खाता है और उसने नॉमिनी नहीं जोड़ा है, तो यह उसके लिए भविष्य में परेशानी का कारण बन सकता है। पहले बैंक ग्राहक बिना नॉमिनी के भी खाता चला सकते थे, लेकिन नए नियम के तहत अब हर खाते में नॉमिनी जोड़ना अनिवार्य कर दिया गया है। आरबीआई का यह कदम ग्राहकों के हित में उठाया गया है ताकि खाता धारक की मृत्यु की स्थिति में उनके परिवार को बैंक राशि प्राप्त करने में कोई दिक्कत न हो। इस बदलाव के बाद ग्राहकों को बैंक में जाकर या ऑनलाइन माध्यम से नॉमिनी की जानकारी अपडेट करनी होगी, वरना खाता अस्थायी रूप से फ्रीज भी किया जा सकता है।

नए नियम से ग्राहकों को क्या करना होगा?
आरबीआई द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार अब सभी बैंक खातों में नॉमिनी का विवरण अनिवार्य रूप से जोड़ा जाना चाहिए। जिन ग्राहकों ने अब तक अपने खाते में नॉमिनी की जानकारी नहीं दी है, उन्हें 31 मार्च 2025 तक यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी। बैंक ग्राहक अपने मोबाइल बैंकिंग ऐप, इंटरनेट बैंकिंग पोर्टल या शाखा में जाकर नॉमिनी जोड़ सकते हैं। यह बदलाव न केवल बचत खातों बल्कि फिक्स्ड डिपॉजिट और रिकरिंग डिपॉजिट खातों पर भी लागू होगा। अगर कोई ग्राहक यह जानकारी अपडेट नहीं करता, तो बैंक ऐसे खातों को अस्थायी रूप से बंद कर सकता है जब तक कि नॉमिनी विवरण जोड़ा न जाए। इससे खाताधारक और उनके परिवार दोनों को वित्तीय सुरक्षा मिलेगी।
बिना नॉमिनी के खातों पर क्या होगा असर?
अगर कोई व्यक्ति अपने बैंक खाते में नॉमिनी नहीं जोड़ता है, तो उसकी मृत्यु के बाद उसके परिवार या उत्तराधिकारी को खाते की राशि प्राप्त करने में कई कानूनी अड़चनें आ सकती हैं। आरबीआई के अनुसार, यह नियम सभी सार्वजनिक, निजी और सहकारी बैंकों पर समान रूप से लागू होगा। ऐसे मामलों में बैंक को राशि जारी करने से पहले ‘लीगल हेयर सर्टिफिकेट’ या कोर्ट से आदेश लेना पड़ता है, जिससे परिवार को महीनों तक इंतजार करना पड़ सकता है। नए नियम के तहत यह झंझट अब खत्म होगा क्योंकि नॉमिनी की जानकारी पहले से बैंक रिकॉर्ड में दर्ज होगी। इससे खाते का संचालन और फंड ट्रांसफर की प्रक्रिया आसान और तेज हो जाएगी।
नॉमिनी अपडेट की प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से
ग्राहकों की सुविधा के लिए आरबीआई ने नॉमिनी अपडेट की प्रक्रिया को बेहद आसान बना दिया है। बैंक ग्राहक अपने इंटरनेट बैंकिंग या मोबाइल ऐप के जरिए लॉगिन करके नॉमिनी जोड़ सकते हैं। इसके अलावा, पासबुक के साथ बैंक शाखा जाकर एक फॉर्म भरकर भी यह प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। कुछ बैंकों ने ‘ई-नॉमिनी’ की सुविधा भी शुरू की है, जिसमें ग्राहक आधार OTP के जरिए नॉमिनी का सत्यापन कर सकते हैं। यह सुविधा विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों और दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए काफी उपयोगी है। अब ग्राहकों को शाखा में बार-बार जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
आरबीआई का उद्देश्य और ग्राहकों को फायदा
आरबीआई का यह नया नियम ग्राहकों के हितों की सुरक्षा और बैंकिंग पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से लागू किया गया है। नॉमिनी जोड़ने से खाताधारक की मृत्यु के बाद परिवार को किसी तरह की कानूनी प्रक्रिया में नहीं उलझना पड़ेगा और पैसे आसानी से ट्रांसफर किए जा सकेंगे। यह कदम बैंकिंग सेक्टर में भरोसे को मजबूत करेगा और खाताधारकों को मानसिक शांति देगा। विशेषज्ञों के अनुसार, यह नियम भविष्य में धोखाधड़ी के मामलों को भी कम करेगा क्योंकि खाते की स्वामित्व जानकारी पहले से ही दर्ज होगी। आरबीआई उम्मीद कर रहा है कि सभी बैंक और ग्राहक समय पर इस दिशा में कदम उठाएंगे ताकि किसी को भी असुविधा का सामना न करना पड़े।
