Old Age Pension – भारत में वृद्धजन कल्याण योजनाओं को और प्रभावी बनाने के लिए सरकार लगातार बदलाव कर रही है। खासकर उन बुजुर्गों के लिए, जिनका कोई निश्चित आय स्रोत नहीं है, Old Age Pension योजना महत्वपूर्ण सहारा बनती है। हाल ही में सरकार ने इस योजना की पात्रता सीमा को लेकर बड़ा बदलाव किया है ताकि अधिक से अधिक बुजुर्ग इस लाभ से जुड़ सकें। पहले कई राज्यों में पेंशन के लिए उम्र सीमा और आय मानक अलग-अलग थे, जिसके कारण कई बुजुर्गों को पेंशन नहीं मिल पाती थी। लेकिन अब नई सुधारित पात्रता के तहत ऐसे लोग भी शामिल होंगे, जो पहले छूट जाते थे।

नई पात्रता सीमा क्या है?
नई पात्रता सीमा के अनुसार अधिकांश राज्यों में Old Age Pension के लिए आयु सीमा 60 वर्ष ही रखी गई है, लेकिन अब सरकार ने आय मानकों और लाभार्थियों के दायरे को बढ़ाया है। पहले कई बार घर की कुल आय अधिक दिखने पर बुजुर्गों को पेंशन नहीं मिलती थी, भले ही उनके पास वास्तविक रूप से कोई नियमित आय न हो। अब संशोधित नियमों के अनुसार, जिन परिवारों की मासिक आय कम है या बुजुर्ग अकेले रहते हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पेंशन दी जाएगी। इसके अलावा परिवार में ऐसे वरिष्ठ नागरिक जो किसी भी प्रकार की सरकारी या निजी पेंशन नहीं ले रहे हैं, वे भी इस श्रेणी में शामिल होंगे। नई पात्रता का मुख्य उद्देश्य है कि कोई भी वृद्धजन आर्थिक कठिनाई के कारण बेसहारा न हो। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले बुजुर्गों को भी विशेष राहत मिलेगी।
पेंशन राशि कितनी मिलेगी?
पेंशन राशि राज्य अनुसार अलग-अलग होती है, लेकिन केंद्र और राज्य सरकार दोनों मिलकर इसे लगातार बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं। वर्तमान में कई राज्यों में बुजुर्गों को ₹1000 से लेकर ₹3000 प्रति माह तक की राशि दी जा रही है। कुछ राज्यों में 80 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को अतिरिक्त पेंशन भी दी जाती है। सरकार का उद्देश्य है कि जैसे-जैसे महंगाई बढ़ती है, पेंशन राशि भी उसके अनुरूप बढ़ाई जाए, जिससे बुजुर्गों को दवाइयां, भोजन और अन्य आवश्यक खर्चों में सहायता मिल सके।
आवेदन कैसे करें?
Old Age Pension के लिए आवेदन प्रक्रिया अब पूरी तरह सरल और ऑनलाइन हो चुकी है। इसके लिए आपके पास आधार कार्ड, बैंक पासबुक, आय प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र होना आवश्यक है। कई राज्यों में पंचायत कार्यालय या CSC केंद्र के माध्यम से भी आवेदन किया जा सकता है। आवेदन के दौरान आपके दस्तावेजों का सत्यापन होता है और फिर पात्रता तय होने पर पेंशन सीधे आपके खाते में ट्रांसफर होने लगती है। इसके अलावा यदि कोई बुजुर्ग डिजिटल प्रक्रिया से परिचित नहीं है, तो परिवार का कोई सदस्य या ग्राम पंचायत का सहायक भी आवेदन में मदद कर सकता है। सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी वरिष्ठ नागरिक सिर्फ तकनीकी जानकारी की कमी के कारण इस लाभ से वंचित न रहे।
किन लोगों को प्राथमिकता मिलेगी?
सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि Old Age Pension आवंटन में कुछ वर्गों को प्राथमिकता दी जाएगी। इनमें अकेले रहने वाले बुजुर्ग, विधवा या तलाकशुदा वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांग वरिष्ठ नागरिक, और ऐसे परिवार जिनका कोई कमाने वाला सदस्य नहीं है, शामिल हैं। इसके अलावा जिन बुजुर्गों की स्वास्थ्य स्थिति कमजोर है या जिनका कोई सहारा नहीं है, उन्हें भी पेंशन सूची में पहले शामिल किया जाएगा। यह बदलाव इसलिए आवश्यक माना गया है क्योंकि समाज में ऐसे कई वृद्धजन हैं जो आर्थिक और सामाजिक दोनों रूप से अकेले पड़ जाते हैं। प्राथमिकता नियम सुनिश्चित करता है कि सबसे अधिक जरूरतमंद व्यक्तियों को तुरंत सहायता पहुंच सके।
