सरकार ने 6 जिलों को दी मंजूरी, 7 लाख से अधिक किसानों को मिलेगा फसल नुकसान मुआवजा Crop Compensation 2025

Crop Compensation 2025 – सरकार ने हाल ही में 6 जिलों को फसल नुकसान मुआवजा योजना 2025 के तहत मंजूरी दी है, जिससे 7 लाख से अधिक किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। पिछले कुछ महीनों में अनियमित वर्षा, ओलावृष्टि और बाढ़ की वजह से किसानों की फसलें गंभीर रूप से प्रभावित हुई थीं। कई किसानों को अपने खेतों में बीज, खाद और श्रम की लागत भी नहीं निकल पाई। ऐसे में यह मुआवजा योजना किसानों के लिए राहत की बड़ी किरण है। इस योजना के तहत सरकार सीधे किसानों के बैंक खातों में मुआवजा राशि भेजेगी। साथ ही, पात्र किसानों की पहचान स्थानीय प्रशासन, कृषि विभाग और ग्राम स्तर पर समितियों के माध्यम से की जाएगी। यह कदम कृषि क्षेत्र को स्थिरता देने और किसानों के आर्थिक संकट को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

Crop Compensation 2025
Crop Compensation 2025

प्रभावित जिलों में राहत कार्य शुरू

इन 6 जिलों में पहले से ही राहत और सर्वेक्षण कार्य शुरू कर दिया गया है। खेतों में लगाए गए पीक सर्वे टीम द्वारा नुकसान का वास्तविक मूल्यांकन किया जा रहा है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि किसी भी किसान का नाम सूची से छूट न जाए, ब्लॉक स्तर पर विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। किसान अपने दस्तावेज जैसे भूमि रिकॉर्ड, आधार कार्ड और बैंक विवरण जमा कर मुआवजा के लिए दावा प्रस्तुत कर सकते हैं। प्रशासन ने यह भी निर्देश दिए हैं कि सर्वे कार्य में देरी न हो और सब कुछ समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए। यह पूरा प्रोसेस डिजिटल होगा ताकि किसानों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें। राहत राशि सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से खाते में भेजी जाएगी ताकि पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी प्रकार की बिचौलिया व्यवस्था समाप्त हो सके।

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मुआवजा राशि और पात्रता नियम

फसल नुकसान मुआवजा योजना 2025 के तहत, किसानों को उनकी फसल के नुकसान के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा। यदि फसल को 33% से अधिक नुकसान हुआ है, तो किसान पूर्ण मुआवजे के पात्र होंगे। छोटी और सीमांत किसानों को प्राथमिकता के आधार पर अधिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके लिए सरकार ने समर्थन राशि की न्यूनतम और अधिकतम सीमा निर्धारित की है, ताकि सभी प्रभावित किसानों को समान और न्यायसंगत सहायता मिल सके। साथ ही, जो किसान फसल बीमा योजना से जुड़े हैं, उन्हें अतिरिक्त लाभ भी दिया जाएगा। सरकार का यह प्रयास है कि किसान आने वाले मौसम में फिर नई उम्मीद और मजबूती के साथ खेती कर सकें।

किसानों को क्या करना होगा?

मुआवजा प्राप्त करने के लिए किसानों को कुछ सरल प्रक्रियाओं का पालन करना होगा। सबसे पहले, उन्हें अपने गांव या पंचायत स्तर पर चल रहे सर्वे में शामिल होना आवश्यक है। दूसरा, किसान को अपने बैंक खाता आधार से लिंक करना और भूमि संबंधी दस्तावेज़ अद्यतन रखना होगा। यदि कोई किसान अपने खेत का नुकसान दिखाना चाहता है, तो वह मोबाइल एप या कृषि विभाग की वेबसाइट पर भी फोटो और विवरण अपलोड कर सकता है। सरकार ने इस प्रक्रिया को इतना आसान बनाया है कि किसान बिना किसी सरकारी दफ्तर में गए, घर बैठे ही आवेदन कर सकते हैं। इसमें पारदर्शिता और तकनीक का उपयोग स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।

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योजना का व्यापक असर और किसान उम्मीदें

फसल नुकसान मुआवजा योजना 2025 का उद्देश्य केवल तात्कालिक आर्थिक सहायता देना नहीं है, बल्कि किसानों को दीर्घकालिक स्थिरता प्रदान करना भी है। जब किसानों को समय पर मुआवजा मिलेगा, तो वे कर्ज में डूबने से बच पाएंगे और आगामी सीजन के लिए फिर से कृषि में निवेश कर सकेंगे। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार, कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी और किसानों की आत्मनिर्भरता में वृद्धि होगी। किसानों को इस योजना से काफी उम्मीदें हैं और वे आशा कर रहे हैं कि सरकार आगे भी ऐसे कदम उठाती रहेगी। यह योजना किसानों के जीवन में आर्थिक सुरक्षा और विश्वास की नई शुरुआत है।

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Author: Ruth Moore

Ruth MOORE is a dedicated news content writer covering global economies, with a sharp focus on government updates, financial aid programs, pension schemes, and cost-of-living relief. She translates complex policy and budget changes into clear, actionable insights—whether it’s breaking welfare news, superannuation shifts, or new household support measures. Ruth’s reporting blends accuracy with accessibility, helping readers stay informed, prepared, and confident about their financial decisions in a fast-moving economy.