Free Medical Treatment – सरकार की योजना के अनुसार अब देश के 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र वाले सभी वरिष्ठ नागरिकों को पूरी तरह से मुफ्त चिकित्सा सुविधा देने की तैयारी तेज हो गई है। इस योजना के तहत मरीजों को सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में खून की जांच, एमआरआई, एक्स-रे, ब्लड प्रेशर चेक, शुगर टेस्ट, हार्ट की जांच से लेकर ऑपरेशन तक मुफ्त उपलब्ध कराने पर विचार किया जा रहा है। साथ ही उन्हें इलाज के बाद दवाएं भी बिना किसी शुल्क के दी जाएंगी। सरकार का कहना है कि बुजुर्गों के बढ़ते स्वास्थ्य खर्च को कम करना आवश्यक है, क्योंकि बढ़ती महंगाई और कम आय की वजह से कई लोग समय पर इलाज नहीं करवा पाते। फाइल अब अंतिम स्तर पर है और जल्द ही इसके लागू होने की घोषणा हो सकती है। अगर यह योजना लागू होती है तो यह लाखों वृद्ध नागरिकों के लिए बड़ी राहत साबित होगी।

योजना का लाभ कैसे मिलेगा?
इस योजना का लाभ उठाने के लिए बुजुर्गों को किसी तरह की लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। उन्हें केवल अपनी पहचान साबित करने के लिए आधार कार्ड या वरिष्ठ नागरिक कार्ड दिखाना होगा। इसके बाद स्वास्थ्य केंद्रों पर उनके नाम का पंजीकरण किया जाएगा और उन्हें एक यूनिक हेल्थ आईडी प्रदान की जाएगी। इस हेल्थ आईडी के आधार पर डॉक्टर मरीज के पूरे स्वास्थ्य रिकॉर्ड देख सकेंगे और आवश्यकता अनुसार जांच व दवाएं उपलब्ध करवाएंगे। सरकार का उद्देश्य यह है कि इलाज की प्रक्रिया सरल रहे और किसी भी बुजुर्ग को अस्पतालों के चक्कर न लगाने पड़ें। अस्पतालों में अलग से हेल्प डेस्क बनाने की भी योजना है, जहां विशेष रूप से बुजुर्गों की सहायता की जाएगी। इस तरह यह योजना स्वास्थ्य सेवाओं को न केवल मुफ्त, बल्कि सरल और सुलभ बनाने का लक्ष्य रखती है।
किन अस्पतालों में मिलेगा लाभ?
इस योजना के तहत देश के सभी सरकारी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों में यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा सरकार बड़े मेडिकल कॉलेज अस्पतालों और AIIMS जैसे संस्थानों को भी इस योजना में शामिल करने पर विचार कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए मोबाइल मेडिकल वैन भी तैनात की जाएंगी, ताकि दूर-दराज के बुजुर्गों को भी इलाज के लिए यात्रा न करनी पड़े। योजना का दायरा इतना व्यापक रखा जा रहा है कि मरीज चाहे शहर में रहता हो या गांव में, उसे समान सेवा प्राप्त हो सके। साथ ही सरकार दवाओं की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अलग से बजट और आपूर्ति चैन विकसित कर रही है।
बुजुर्गों के स्वास्थ्य की वर्तमान स्थिति
आज देश में अधिकांश बुजुर्ग किसी न किसी दीर्घकालिक बीमारी जैसे शुगर, बीपी, हृदय रोग, जोड़ों के दर्द या आंखों की समस्या से जूझ रहे हैं। कई परिवारों में आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण इन बीमारियों का समय पर इलाज नहीं हो पाता, जिससे मरीज की हालत और बिगड़ जाती है। इसके अलावा नियमित जांच के अभाव में बीमारी के गंभीर रूप लेने की संभावना भी बढ़ जाती है। सरकार के आंकड़ों के अनुसार लगभग 65% बुजुर्ग समय पर डॉक्टर के पास नहीं जा पाते क्योंकि इलाज का खर्च उनकी क्षमता से बाहर होता है। इसलिए मुफ्त चिकित्सा योजना बुजुर्गों के लिए सिर्फ एक सुविधा नहीं, बल्कि एक आवश्यक कदम माना जा रहा है।
### योजना लागू होने के बाद होने वाले बड़े बदलाव
जैसे ही यह योजना लागू होगी, बुजुर्गों को हर छोटी बीमारी या जांच के लिए जेब से पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा। इससे उनकी आर्थिक बोझ में कमी आएगी और वे नियमित जांच करवाने के लिए प्रेरित होंगे। डॉक्टरों का कहना है कि नियमित जांच और समय पर इलाज से गंभीर बीमारियों को रोका जा सकता है, जिससे स्वास्थ्य लाभ के साथ जीवनकाल भी बढ़ता है। इसके अलावा परिवार के सदस्यों की जिम्मेदारी भी कम होगी और वे बुजुर्गों की देखभाल को अधिक व्यवस्थित तरीके से कर सकेंगे। यह योजना समाज में सम्मान और सुरक्षा की भावना को बढ़ावा देने वाली पहल साबित हो सकती है।
