EPFO का 11 साल बाद सबसे बड़ा सुधार! नया नियम लागू होते ही 1 करोड़ कर्मचारियों की सैलरी में रिकॉर्ड बढ़ोतरी शुरू

EPFO New Rules Updates – EPFO का 11 साल बाद सबसे बड़ा सुधार सामने आया है, जिसने देशभर के लगभग 1 करोड़ कर्मचारियों के लिए नई उम्मीदें जगा दी हैं। नए नियम लागू होते ही कर्मचारियों की सैलरी में रिकॉर्ड बढ़ोतरी देखी जा रही है, क्योंकि अब नियोक्ताओं का PF योगदान सीधे बड़े बेसिक वेतन पर गिना जाएगा। इससे न केवल PF बैलेंस तेजी से बढ़ेगा, बल्कि रिटायरमेंट पर मिलने वाली पेंशन में भी बड़ी बढ़ोतरी होगी। सरकार का मानना है कि लंबे समय से कर्मचारी वेतन संरचना में सुधार की मांग कर रहे थे, और अब यह बदलाव नौकरीपेशा वर्ग की वित्तीय सुरक्षा को और मजबूत करेगा।

EPFO New Rules Updates
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नया EPFO नियम क्या है और इससे कर्मचारियों को कैसे लाभ मिलेगा?

नया EPFO नियम कर्मचारियों की भविष्य निधि को मजबूत करने के लिए बनाया गया है, जिसमें अब PF का योगदान पुराने तरीके से नहीं बल्कि संशोधित बेसिक सैलरी के हिसाब से होगा। पहले कई कंपनियां कर्मचारियों की बेसिक सैलरी को जानबूझकर कम रखती थीं ताकि PF योगदान कम देना पड़े, लेकिन नए नियम के बाद यह संभव नहीं होगा। कर्मचारी को मिलने वाला PF योगदान अब अधिक बेसिक वेतन पर आधारित होगा, जिससे हर महीने खाते में बड़ी राशि जमा होगी। इसका सीधा फायदा यह है कि कर्मचारी का रिटायरमेंट फंड कई गुना तेजी से बढ़ेगा। इसके अलावा ब्याज की राशि भी पर्याप्त बढ़ जाएगी, जिससे लंबे समय में लाखों रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा।

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किन कर्मचारियों को सबसे ज्यादा फायदा होगा और क्यों?

इस नए EPFO सुधार का सबसे ज्यादा लाभ उन कर्मचारियों को मिलेगा जिनका बेसिक वेतन पहले बहुत कम दर्ज किया जाता था। IT, प्राइवेट बैंकिंग, रिटेल, टेलीकॉम और सर्विस सेक्टर में बड़ी संख्या में कंपनियां CTC स्ट्रक्चर के तहत बेसिक वेतन कम रखकर PF योगदान घटाती थीं। लेकिन अब नए नियम के बाद कंपनियों को यह तरीका बदलना होगा। इससे उन कर्मचारियों का PF बैलेंस सबसे तेजी से बढ़ेगा, जो पहले कम योगदान के कारण रिटायरमेंट सुरक्षा को लेकर चिंतित थे। साथ ही जिन कर्मचारियों की सालाना इनकम 4 से 12 लाख रुपये के बीच है, उन्हें भी बड़ा लाभ मिलेगा, क्योंकि इस रेंज में PF की बचत अब काफी अधिक होगी। यह सुधार युवा नौकरीपेशा लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि लंबे समय में उनका फंड कई गुना बढ़कर उन्हें मजबूत आर्थिक भविष्य देगा।

पेंशन पर बड़ा असर—सुधार के बाद पेंशन कितनी बढ़ेगी?

नए EPFO नियमों का सबसे बड़ा असर पेंशन पर देखने को मिलेगा। पेंशन की गणना अब पुराने नियमों की तुलना में अधिक सैलरी के आधार पर होगी, जिससे अंतिम पेंशन राशि में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। पहले जिन कर्मचारियों को रिटायरमेंट पर 8,000 से 12,000 रुपये पेंशन मिल सकती थी, अब वे लगभग 15,000 से 25,000 रुपये तक की पेंशन के पात्र बन सकते हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि EPFO अब योगदान और सर्विस पीरियड दोनों को संशोधित फार्मूले से जोड़कर गणना करेगा। लंबे समय तक नौकरी करने वाले कर्मचारियों को इसका सबसे अधिक लाभ मिलेगा। यह सुधार लाखों परिवारों को रिटायरमेंट के बाद स्थिर आय देने में मदद करेगा, जिससे उनकी जीवनशैली और आर्थिक स्थिति दोनों में सुधार होगा।

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कंपनियों पर क्या असर होगा और उन्हें क्या बदलाव करने होंगे?

इस नए नियम का असर कंपनियों पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। पहले कई कंपनियां सैलरी स्ट्रक्चर में बेसिक वेतन को घटाकर PF योगदान कम कर देती थीं, लेकिन अब उन्हें बेसिक वेतन को वास्तविक स्तर पर लाना होगा। इससे कंपनियों को PF में अतिरिक्त धन जमा करना पड़ेगा, जिससे उनका वित्तीय भार बढ़ सकता है। हालांकि सरकार का कहना है कि यह सुधार लंबे समय में कर्मचारियों की भलाई और देश की सामाजिक सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करेगा। कंपनियों को अपनी पेरोल प्रणाली अपडेट करनी होगी और EPFO पोर्टल पर नई सैलरी डिटेल्स अपलोड करनी होंगी।

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Author: Ruth Moore

Ruth MOORE is a dedicated news content writer covering global economies, with a sharp focus on government updates, financial aid programs, pension schemes, and cost-of-living relief. She translates complex policy and budget changes into clear, actionable insights—whether it’s breaking welfare news, superannuation shifts, or new household support measures. Ruth’s reporting blends accuracy with accessibility, helping readers stay informed, prepared, and confident about their financial decisions in a fast-moving economy.