Golden Opportunity for Farmers – नवंबर का महीना खेती-बाड़ी के लिए एक बहुत ही अनुकूल समय माना जाता है, खासकर सब्जियों की खेती के लिए क्योंकि इस दौरान तापमान न अधिक गर्म होता है और न ही बहुत ज्यादा ठंडा। ऐसे में कई तरह की मौसमी सब्जियां आसानी से उग जाती हैं और किसानों को कम समय में बेहतर उपज मिल सकती है। नवंबर में खेती करने का फायदा यह भी है कि बाजार में सर्दियों की शुरुआत के साथ सब्जियों की मांग बढ़ जाती है, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य मिल सकता है। यदि किसान इस समय सही सब्जियों का चयन कर जैविक या मिश्रित खेती तकनीक अपनाते हैं, तो कम लागत में अच्छा उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।

नवंबर में लगाने योग्य त्वरित तैयार होने वाली सब्जियां
नवंबर महीने में कई ऐसी हरी सब्जियां उगाई जा सकती हैं जो सिर्फ कम समय में तैयार नहीं होती बल्कि बाजार में ताजी सब्जियों के रूप में अच्छी कीमत भी दिला सकती हैं। इन सब्जियों में मुख्य रूप से धनिया, पालक, मेथी, मूली, शलगम, गोभी, ब्रोकली, हरा प्याज, सलाद पत्ता, गाजर, चीनी पत्ता गोभी, लहसुन, मटर, फ्रेंच बीन्स और टमाटर शामिल हैं। इनमें से कई पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, मेथी, धनिया 25 से 35 दिनों में बाजार में बिक्री के लिए तैयार हो जाती हैं। वहीं, मूली और गाजर जैसे कंद वाली सब्जियां थोड़े अधिक समय में तैयार होती हैं, लेकिन बाजार में इनकी मांग लगातार बनी रहती है।
खेती की पद्धति और उर्वरक प्रबंधन
नवंबर में सब्जियों की खेती के लिए मिट्टी का सही ढंग से तैयार होना बहुत महत्वपूर्ण है। खेत की अच्छी तरह जुताई कर मिट्टी को भुरभुरी बनाना चाहिए, ताकि बीजों का अंकुरण तेज और सुगम हो सके। सब्जियों की खेती के लिए संतुलित जैविक खाद जैसे गोबर की पकी खाद, कंपोस्ट और नीम खली का उपयोग करना बहुत लाभकारी माना जाता है। इसके साथ ही, ट्राइकोडर्मा और जैव उर्वरकों का इस्तेमाल पौधों को मिट्टी जनित रोगों से सुरक्षा देता है। सिंचाई के लिए ड्रिप तकनीक का उपयोग करने से पौधों को उचित मात्रा में नमी मिलती है और जल प्रबंधन भी सही ढंग से होता है। पौधों की बढ़त के दौरान तरल जैव उर्वरक का उपयोग लाभदायक माना जाता है।
बाजार रणनीति और लाभ संभावनाएं
तेजी से तैयार होने वाली सब्जियों के साथ यदि किसान सही मार्केटिंग रणनीति अपनाते हैं, तो कम समय में बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं। स्थानीय मंडी के साथ-साथ सीधे उपभोक्ताओं को बिक्री, सब्जी दुकानदारों से टाई-अप, ऑनलाइन फूड डिलीवरी पार्टनर, या हाउसिंग सोसाइटी एवं अपार्टमेंट सप्लाई चैन एक अच्छा विकल्प हो सकता है। ताजी, केमिकल-फ्री और बंडल पैकिंग वाली सब्जियों की मांग लगातार बढ़ रही है, इसलिए किसान यदि ब्रांडिंग और पैकेजिंग पर ध्यान दें, तो उन्हें अन्य उत्पादकों के मुकाबले ज्यादा मूल्य मिल सकता है। रेस्टोरेंट, होटलों और कैटरिंग सर्विसेस को प्रत्यक्ष सप्लाई से नियमित और स्थिर आय मिल सकती है।
किसानों के लिए सुझाव और सावधानियां
नवंबर में सब्जियों की खेती भले ही लाभदायक दिखाई देती है, लेकिन कुछ सावधानियों को ध्यान में रखना बेहद जरूरी है। सबसे पहले, बीजों का चयन प्रमाणित एवं उच्च गुणवत्ता वाला होना चाहिए ताकि उत्पादकता और पौधों की जीवन क्षमता बनी रहे। मौसम के अचानक बदलने पर फसल को ओला, पाला या ठंडी हवाओं से बचाने के लिए मल्चिंग, नेट कवर या पॉलीटनेल जैसी तकनीक का उपयोग किया जा सकता है। सब्जियों में कीटनाशकों का अत्यधिक उपयोग न करें, बल्कि जैविक कीट नियंत्रण, फेरोमोन ट्रैप, नीम तेल स्प्रे आदि का इस्तेमाल करें।
