EPFO Pension – EPFO द्वारा चलाई जाने वाली पेंशन योजना यानी EPS (Employee Pension Scheme) उन कर्मचारियों के लिए भविष्य में आय का एक भरोसेमंद स्रोत बनती है, जो प्राइवेट या सरकारी क्षेत्र में कार्यरत रहते हैं और उनके वेतन से हर महीने PF की कटौती होती है। अगर किसी कर्मचारी ने 15 साल तक नौकरी की है और वह 58 वर्ष की आयु पूरी होने पर पेंशन के लिए दावा करता है, तो उसे EPFO नियमों के अनुसार पेंशन मिल सकती है। EPS के तहत पेंशन की गणना वेतन और सेवा अवधि पर आधारित होती है। हालांकि कम सेवा अवधि (20 वर्ष से कम) वाले कर्मचारियों को पेंशन की राशि कम मिलती है क्योंकि इसमें पेंशनable वेतन और पेंशनable सेवा दोनों ही सीधे प्रभाव डालते हैं।

EPFO पेंशन की कैलकुलेशन कैसे होती है?
EPFO पेंशन की गणना EPS फॉर्मूले के आधार पर की जाती है जिसमें दो मुख्य पैरामीटर शामिल होते हैं – पेंशनable वेतन और पेंशनable सर्विस (सेवा अवधि)। EPS का फॉर्मूला है: **पेंशन = (पेंशनable वेतन × कुल सेवा वर्ष) / 70**। इसमें पेंशनable वेतन की अधिकतम सीमा ₹15,000 प्रति माह मानी जाती है, चाहे कर्मचारी का वेतन इससे अधिक क्यों न हो। यदि कर्मचारी ने 15 वर्ष सेवा की है और अधिकतम वेतन ₹15,000 माना जाए, तो इस फॉर्मूले से उसकी पेंशन की रकम तय होती है। साथ ही, EPFO नियमों के अनुसार 20 साल सेवा पूरी करने पर कर्मचारी को 2 साल का बोनस वर्ष भी मिलता है, लेकिन 15 साल वालों को यह अतिरिक्त लाभ नहीं मिलता है। इसलिए ऐसे कर्मचारियों के लिए सर्विस पीरियड सीधे 15 वर्ष ही गिना जाएगा।
15 साल सेवा पर पेंशन की संभावित राशि
यदि कोई कर्मचारी 15 साल तक नौकरी करता है और उसका पेंशनable वेतन ₹15,000 माना जाता है, तो फॉर्मूले के अनुसार पेंशन कैलकुलेशन होगा: (15,000 × 15) / 70 = ₹3,214 प्रति माह। यानी लगभग ₹3,200 से ₹3,300 प्रति माह तक की पेंशन मिल सकती है। हालांकि यह राशि अंतिम पेंशनable वेतन के औसत, कंपनी की एंट्री-एग्जिट तारीख, PF कटौती, और EPFO द्वारा भविष्य में किए जाने वाले संशोधनों पर निर्भर करती है। यह पेंशन जीवनभर मिलती है और निधन के बाद जीवनसाथी को परिवार पेंशन का लाभ मिलता है। ध्यान रखने वाली बात यह भी है कि पेंशन पर कोई ब्याज नहीं मिलता है, इसलिए लंबी नौकरी अवधि हमेशा अधिक पेंशन का लाभ देती है।
क्या 58 वर्ष से पहले पेंशन लेना सही है?
EPFO नियमों के अनुसार, यदि कर्मचारी 50 वर्ष की उम्र के बाद पेंशन लेना चाहता है, तो वह ऐसा कर सकता है, लेकिन उसे मिलने वाली पेंशन राशि में स्थायी कटौती कर दी जाती है। इस कटौती को **Early Pension Reduction** कहा जाता है जो हर वर्ष एक निश्चित प्रतिशत से घटती जाती है। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई कर्मचारी 58 वर्ष की बजाय 52 या 54 वर्ष में पेंशन लेना शुरू करता है, तो उसे कम राशि प्राप्त होगी और यह कटौती जीवनभर लागू रहती है। इसलिए आर्थिक सुरक्षा और बेहतर भविष्य लाभों को देखते हुए सलाह दी जाती है कि पेंशन क्लेम केवल 58 वर्ष या उसके बाद ही किया जाए।
अधिक पेंशन पाने के लिए क्या करें?
अगर भविष्य में अधिक पेंशन पाना चाहते हैं, तो नौकरी की अवधि बढ़ाना सबसे प्रभावी विकल्प है क्योंकि अधिक सेवा अवधि से पेंशन की राशि बढ़ती है। साथ ही, कुछ मामलों में कर्मचारी संयुक्त विकल्प के आधार पर उच्च पेंशन के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिसमें उनके वास्तविक वेतन को पेंशनable वेतन माना जाता है। इसके अतिरिक्त, PF पासबुक और सेवा हिस्ट्री की जानकारी EPFO पोर्टल पर सही अपडेट रखना भी जरूरी है, ताकि रिटायरमेंट के समय किसी प्रकार की समस्या न आए। जो लोग लंबी अवधि की बचत और रिटायरमेंट प्लानिंग करते हैं, उनके लिए EPFO पेंशन एक सुरक्षित और स्थिर आय का स्त्रोत साबित होती है।
