आरबीआई ने सिबिल स्कोर को लेकर जारी किया नया नियम जाने नया नियम बना कोई बैंक नहीं देगा आपको लोन। CIBIL Score New Rule 2025

CIBIL Score New Rule 2025 – भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 2025 में सिबिल स्कोर (CIBIL Score) से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जिससे लाखों बैंक ग्राहकों पर असर पड़ सकता है। नया नियम इस बात पर केंद्रित है कि अब कोई भी बैंक या वित्तीय संस्था ग्राहक को बिना सटीक सिबिल स्कोर और उसके पीछे के कारणों की जांच किए लोन नहीं दे सकेगी। पहले जहां बैंक केवल स्कोर देखकर फैसला लेते थे, अब उन्हें ग्राहक की पूरी क्रेडिट हिस्ट्री, लोन रिपेमेंट पैटर्न और बकाया राशि की डिटेल्स को भी ध्यान में रखना होगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और लोन डिफॉल्ट के मामलों में कमी आएगी। यह नियम खासकर उन लोगों के लिए अहम है जिनका सिबिल स्कोर 700 से कम है, क्योंकि अब उनकी लोन योग्यता का मूल्यांकन और सख्ती से किया जाएगा।

CIBIL Score New Rule 2025
CIBIL Score New Rule 2025

RBI ने सिबिल स्कोर नियम में किए बड़े बदलाव – जानिए नया सिस्टम

RBI द्वारा जारी नए निर्देशों के तहत, बैंक और NBFCs को अब हर आवेदनकर्ता के सिबिल स्कोर की रिपोर्ट को अधिक विस्तार से जांचना अनिवार्य कर दिया गया है। इस नए नियम के तहत अगर किसी व्यक्ति का सिबिल स्कोर कम पाया जाता है, तो बैंक को उसे लोन अस्वीकृत करने का कारण लिखित रूप में बताना होगा। इससे पहले बैंक मनमाने ढंग से लोन रिजेक्ट कर देते थे, लेकिन अब पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा, RBI ने यह भी कहा है कि जो ग्राहक समय पर EMI भरते हैं और उनका रिकॉर्ड क्लीन है, उन्हें अब ब्याज दरों पर विशेष छूट या बेहतर क्रेडिट रेटिंग का लाभ मिलेगा। इससे अच्छे भुगतानकर्ता ग्राहकों को प्रोत्साहन मिलेगा।

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कम सिबिल स्कोर वालों के लिए मुश्किलें, 2025 में और सख्त होंगे नियम

2025 के इस नए अपडेट से उन लोगों को दिक्कत होगी जिनका क्रेडिट स्कोर लगातार गिरा हुआ है। अब बैंक न केवल कम स्कोर वालों को लोन देने से बचेंगे बल्कि उनके पुराने लोन रिकॉर्ड को भी ध्यान में रखेंगे। अगर किसी ग्राहक ने पहले किसी लोन में डिफॉल्ट किया है या EMI में देरी की है, तो उसे भविष्य में लोन पाने के लिए अधिक दस्तावेज और गारंटी देनी होगी। सिबिल स्कोर अब केवल 300 से 900 के बीच का नंबर नहीं रहेगा, बल्कि इसमें पेमेंट बिहेवियर, इनकम-टू-डेब्ट रेशियो और डिजिटल ट्रांजैक्शन पैटर्न जैसी चीजें भी शामिल की जाएंगी।

बैंकों के लिए सख्त गाइडलाइन – अब नहीं चलेगी मनमानी

RBI ने इस नियम के तहत बैंकों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिया है कि वे किसी भी ग्राहक की लोन एप्लिकेशन को सिबिल स्कोर के आधार पर रिजेक्ट करने से पहले उचित जांच करें। बैंकों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि ग्राहक को स्कोर सुधारने के लिए समय और सुझाव दिए जाएं। इस कदम से उपभोक्ताओं को बेहतर अवसर मिलेगा और बैंकिंग सेक्टर में जवाबदेही बढ़ेगी। इससे ग्राहक और बैंक के बीच का भरोसा भी मजबूत होगा क्योंकि हर अस्वीकृति के पीछे का कारण अब पारदर्शी तरीके से साझा किया जाएगा।

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कैसे सुधारें अपना सिबिल स्कोर और पाएं आसानी से लोन

अगर आपका सिबिल स्कोर कम है, तो चिंता करने की जरूरत नहीं है। RBI के नए नियमों के अनुसार अब ग्राहकों को स्कोर सुधारने के लिए उचित समय दिया जाएगा। सबसे पहले, अपनी बकाया EMI समय पर भरें, किसी भी लोन को डिफॉल्ट न करें और अपने क्रेडिट कार्ड की लिमिट का 30% से ज्यादा उपयोग न करें। समय-समय पर अपनी सिबिल रिपोर्ट की जांच करते रहें और अगर कोई गलती दिखे तो तुरंत सिबिल अथॉरिटी से सुधार करवाएं। एक स्थिर इनकम और नियमित भुगतान इतिहास आपको बेहतर स्कोर दिलाएगा जिससे भविष्य में लोन लेना आसान हो जाएगा।

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Author: Ruth Moore

Ruth MOORE is a dedicated news content writer covering global economies, with a sharp focus on government updates, financial aid programs, pension schemes, and cost-of-living relief. She translates complex policy and budget changes into clear, actionable insights—whether it’s breaking welfare news, superannuation shifts, or new household support measures. Ruth’s reporting blends accuracy with accessibility, helping readers stay informed, prepared, and confident about their financial decisions in a fast-moving economy.