Gas Cylinder Prices : आज से LPG गैस सिलेंडर की कीमत में होगा बदलाव, जानिए नया रेट

Gas Cylinder Prices – एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में बदलाव का सिलसिला हर महीने जारी रहता है, और नवंबर 2025 की शुरुआत के साथ ही एक बार फिर घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर के रेट में संशोधन किया गया है। पेट्रोलियम कंपनियों ने नई कीमतें जारी कर दी हैं, जिनका असर आम जनता से लेकर होटल-रेस्टोरेंट मालिकों तक पर पड़ेगा। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति के आधार पर एलपीजी रेट तय किए जाते हैं। इस महीने कई शहरों में एलपीजी सिलेंडर की कीमत में मामूली राहत दी गई है, जबकि कुछ राज्यों में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिली है। उपभोक्ताओं को अब अपने इलाके के हिसाब से नए रेट चेक करने की जरूरत है क्योंकि हर राज्य में टैक्स स्ट्रक्चर अलग होने के कारण कीमतों में अंतर होता है। आइए जानें कि आज से किन शहरों में रेट बदले हैं और आपको अपने बजट में कितना असर देखने को मिलेगा।

Gas Cylinder Prices
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दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में एलपीजी के नए दाम

नवंबर 2025 में जारी नई लिस्ट के अनुसार दिल्ली में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत ₹903 रखी गई है, जबकि मुंबई में ₹901 और कोलकाता में ₹929 तय की गई है। वहीं चेन्नई में एलपीजी सिलेंडर अब ₹918 में मिलेगा। इन दरों में घरेलू सब्सिडी शामिल नहीं है, जो कि पात्र उपभोक्ताओं को सीधे उनके बैंक खाते में मिलती है। पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की मांग और आपूर्ति की स्थिति के आधार पर आगे भी बदलाव संभव हैं। दूसरी ओर कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में लगभग ₹25 प्रति सिलेंडर की कटौती की गई है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग कारोबारियों को थोड़ी राहत मिलेगी।

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क्यों बदलती हैं हर महीने LPG सिलेंडर की कीमतें?

एलपीजी सिलेंडर के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार की क्रूड ऑयल कीमतों, डॉलर की विनिमय दर और टैक्स नीति पर निर्भर करते हैं। भारत एलपीजी का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए वैश्विक मूल्य में उतार-चढ़ाव का सीधा असर घरेलू दरों पर पड़ता है। सरकारी तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को रेट की समीक्षा करती हैं और फिर घरेलू व कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए नई कीमतें तय की जाती हैं।

सब्सिडी और उपभोक्ताओं पर पड़ने वाला असर

सरकार पात्र उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) योजना के तहत एलपीजी सब्सिडी देती है। इस योजना के तहत सब्सिडी राशि सीधे उपभोक्ता के बैंक खाते में आती है। हालांकि, कई शहरी क्षेत्रों में आय सीमा पार करने वाले उपभोक्ताओं को अब यह सब्सिडी नहीं मिलती। बढ़ती कीमतों के कारण निम्न और मध्यम वर्गीय परिवारों पर घरेलू खर्च का बोझ बढ़ता जा रहा है। केंद्र सरकार समय-समय पर राहत देने के लिए सब्सिडी की राशि बढ़ाने या विशेष त्योहारों पर डिस्काउंट देने पर विचार करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिरता आती है, तो आने वाले महीनों में गैस की कीमतों में कमी देखने को मिल सकती है।

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आगे क्या उम्मीद की जा सकती है?

तेल कंपनियों के अनुसार, आने वाले महीनों में क्रूड ऑयल की कीमतें स्थिर रहीं तो एलपीजी गैस सिलेंडर के दामों में बड़ी बढ़ोतरी की संभावना कम है। सरकार भी घरेलू बजट को देखते हुए कीमतों को नियंत्रण में रखने की दिशा में कदम उठा रही है। इसके अलावा ऊर्जा मंत्रालय ने बायो-एलपीजी और वैकल्पिक गैस स्रोतों को बढ़ावा देने की नीति पर काम शुरू कर दिया है, ताकि आम जनता को सस्ती ऊर्जा उपलब्ध कराई जा सके। घरेलू उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि दिसंबर या जनवरी में ठंड बढ़ने से पहले सरकार किसी राहत पैकेज की घोषणा कर सकती है।

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Author: Ruth Moore

Ruth MOORE is a dedicated news content writer covering global economies, with a sharp focus on government updates, financial aid programs, pension schemes, and cost-of-living relief. She translates complex policy and budget changes into clear, actionable insights—whether it’s breaking welfare news, superannuation shifts, or new household support measures. Ruth’s reporting blends accuracy with accessibility, helping readers stay informed, prepared, and confident about their financial decisions in a fast-moving economy.