Government Pensioners – भारत में करोड़ों बुजुर्ग पेंशनभोगी आज भी बहुत कम पेंशन पर गुजारा कर रहे हैं। हाल ही में सरकार द्वारा जारी आंकड़ों से एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि देश के आधे से ज्यादा पेंशनभोगियों को अभी भी ₹1500 से कम पेंशन मिल रही है। वहीं, केवल कुछ प्रतिशत लोगों को ₹6000 से अधिक पेंशन का लाभ मिल पा रहा है। इस असमानता ने सरकार को पेंशन ढांचे पर पुनर्विचार करने को मजबूर कर दिया है। बढ़ती महंगाई और जीवन यापन के खर्चों में इज़ाफे के कारण, यह पेंशन राशि बुजुर्गों की जरूरतों को पूरा करने के लिए नाकाफी साबित हो रही है। सरकार अब एक ऐसी नई नीति पर विचार कर रही है जिससे न्यूनतम पेंशन राशि को बढ़ाकर अधिक व्यावहारिक स्तर पर लाया जा सके।

सरकार ने जारी किए चौंकाने वाले आंकड़े
हाल में केंद्र सरकार की एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में 50% से अधिक पेंशनधारकों को ₹1500 या उससे कम की मासिक पेंशन मिल रही है। वहीं, केवल करीब 12% पेंशनभोगियों को ₹6000 से ज्यादा पेंशन दी जा रही है। यह आंकड़े साफ दिखाते हैं कि पेंशन वितरण व्यवस्था में असमानता है और इसे सुधारने की सख्त जरूरत है। कई राज्यों में अब इस मुद्दे पर नई पेंशन नीति लाने पर चर्चा हो रही है। विशेषकर असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों और कर्मचारियों के लिए सरकार न्यूनतम पेंशन को ₹3000 तक बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार कर रही है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को राहत मिल सके।
बुजुर्गों के लिए राहत योजना की तैयारी
बढ़ती महंगाई और जीवन यापन की लागत के बीच, पेंशनभोगियों के लिए सरकार अब नई राहत योजना पर काम कर रही है। प्रस्ताव के अनुसार, सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी बुजुर्ग को ₹2000 से कम पेंशन न मिले। इसके अलावा, वरिष्ठ नागरिकों के लिए चिकित्सा सहायता और अन्य भत्तों में भी बढ़ोतरी की जा सकती है। सामाजिक सुरक्षा मंत्रालय के अनुसार, नई नीति का मसौदा तैयार हो चुका है और इसे अगले वित्त वर्ष में लागू करने की योजना है। इसका मकसद देश के उन करोड़ों सीनियर सिटिज़न्स को सम्मानजनक जीवन देना है जो आज भी सीमित पेंशन पर निर्भर हैं।
₹6000 से अधिक पेंशन पाने वालों की स्थिति
जहां एक ओर लाखों लोगों को ₹1500 से भी कम पेंशन मिल रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ सरकारी विभागों और संगठित क्षेत्रों के कर्मचारियों को ₹6000 से अधिक की मासिक पेंशन प्राप्त हो रही है। इन पेंशनधारकों को नियमित डीए (महंगाई भत्ता) और अन्य सरकारी लाभ भी दिए जाते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इस अंतर को कम करने के लिए सरकार को पेंशन प्रणाली में समानता आधारित मॉडल लागू करना चाहिए, जिससे सभी पेंशनधारकों को एक न्यूनतम सम्मानजनक राशि सुनिश्चित हो सके।
सरकार की नई योजना कब लागू होगी?
सरकारी सूत्रों के अनुसार, नई पेंशन योजना अगले वित्त वर्ष की शुरुआत में लागू हो सकती है। नीति आयोग और वित्त मंत्रालय ने इस पर सहमति जताई है कि न्यूनतम पेंशन राशि को बढ़ाना अब आवश्यक है। उम्मीद है कि मार्च 2026 तक सरकार इस नई पॉलिसी को लागू कर देगी। इसके लागू होने के बाद लाखों वरिष्ठ नागरिकों की पेंशन में बढ़ोतरी होगी और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। अगर यह योजना सही ढंग से लागू होती है, तो यह भारत की सामाजिक सुरक्षा प्रणाली में एक बड़ा सुधार साबित हो सकता है।
