Loan Without CIBIL – अब वित्त मंत्रालय ने एक बड़ा ऐलान किया है जो लाखों लोगों के लिए राहत की खबर है। अब लोन लेने के लिए CIBIL स्कोर की जरूरत नहीं होगी। इस नई योजना के तहत, बैंक और वित्तीय संस्थान बिना किसी क्रेडिट स्कोर के भी लोन प्रदान करेंगे। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए फायदेमंद है जिनका क्रेडिट हिस्ट्री कमजोर है या जिनके पास अभी तक बैंकिंग रिकॉर्ड नहीं है। सरकार का उद्देश्य है कि आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्ग के लोग भी आसानी से ऋण प्राप्त कर सकें और अपनी जरूरतों को पूरा कर सकें। इस योजना में होम लोन, पर्सनल लोन और बिज़नेस लोन सभी शामिल होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे व्यक्तिगत और व्यावसायिक उधार दोनों में तेजी आएगी और अर्थव्यवस्था को नया बल मिलेगा।

लोन प्राप्त करने की नई प्रक्रिया
अब लोन के लिए आवेदन करना पहले से कहीं आसान हो गया है। बैंक अब CIBIL स्कोर जांच के बिना ही ग्राहक के आवेदन पर निर्णय लेंगे। इसके लिए वित्त मंत्रालय ने नए दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिनमें आय प्रमाण, बैंक स्टेटमेंट और पहचान पत्र जैसे दस्तावेजों की अहमियत बढ़ाई गई है। यह कदम उन लोगों के लिए बड़ा अवसर है जिनका क्रेडिट इतिहास सीमित या नकारात्मक है। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी, जिससे लोग घर बैठे ही लोन के लिए आवेदन कर सकेंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बदलाव से बैंकिंग पहुंच में सुधार होगा और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
कौन लोग लाभान्वित होंगे
इस नई योजना से विशेष रूप से मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोग लाभान्वित होंगे। छोटे व्यवसायी, स्टार्टअप और नई कमाई करने वाले पेशेवर अब आसानी से लोन प्राप्त कर सकते हैं। वित्त मंत्रालय ने बताया कि नया क्रेडिट स्कोर मॉडल उन लोगों के लिए तैयार किया जा रहा है जिनका बैंकिंग रिकॉर्ड सीमित है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वित्तीय समावेशन हर स्तर पर हो और कोई भी योग्य व्यक्ति ऋण से वंचित न रहे। इस योजना का प्रभाव लंबी अवधि में व्यापार और व्यक्तिगत वित्त दोनों पर दिखाई देगा।
लाभ और संभावित असर
इस नई नीति से लोगों को तुरंत वित्तीय सहायता प्राप्त होगी। छोटे व्यवसाय और व्यक्तिगत जरूरतों के लिए लोन लेना अब आसान होगा। इससे कर्ज लेने की बाधाएं कम होंगी और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से क्रेडिट मार्केट में नई जान आएगी और लोग अपनी योजनाओं को जल्दी से पूरा कर सकेंगे। साथ ही, यह नीति उन लोगों के लिए भी मददगार होगी जिनका CIBIL स्कोर कम है लेकिन आय स्थिर है।
सरकार का दृष्टिकोण और भविष्य
वित्त मंत्रालय का उद्देश्य है कि बैंकिंग और वित्तीय समावेशन हर स्तर तक पहुंचे। इस नई नीति से लोन लेने की प्रक्रिया सरल और तेज होगी। भविष्य में सरकार ऐसे अन्य कदम भी उठाने की योजना बना रही है जिससे कर्ज लेने वालों की पहुंच और बेहतर हो। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा और लोग अपनी व्यक्तिगत और व्यावसायिक जरूरतों को आसानी से पूरा कर सकेंगे। यह कदम देश की वित्तीय नीतियों में एक बड़ा बदलाव साबित होगा।
