pension retirement – रिटायरमेंट के बाद हर व्यक्ति के मन में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर उसे हर महीने कितनी पेंशन मिलेगी। यह जानना बहुत जरूरी है क्योंकि इससे आप अपने भविष्य की आर्थिक योजना बना सकते हैं। सरकार और निजी क्षेत्र दोनों में पेंशन की गणना अलग-अलग नियमों के तहत की जाती है। आमतौर पर पेंशन आपके आखिरी वेतन और नौकरी के कुल सालों पर निर्भर करती है। अगर आपने लंबे समय तक सेवा की है, तो पेंशन की राशि अधिक होती है। वहीं, कुछ योजनाओं में कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का योगदान शामिल होता है, जिससे कुल रिटायरमेंट फंड बढ़ जाता है। आजकल कई ऑनलाइन कैलकुलेटर उपलब्ध हैं जिनसे आप आसानी से अपनी पेंशन का अनुमान लगा सकते हैं। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि रिटायरमेंट के बाद पेंशन की राशि कैसे तय होती है और किन नियमों का पालन करना जरूरी है।

रिटायरमेंट पेंशन की गणना कैसे होती है?
पेंशन की गणना मुख्य रूप से आपके ‘लास्ट ड्रॉन सैलरी’ और ‘टोटल सर्विस पीरियड’ पर आधारित होती है। सरकारी कर्मचारियों के लिए यह फॉर्मूला काफी स्पष्ट है — (आखिरी वेतन × कुल नौकरी के साल) ÷ 60। यानी अगर किसी कर्मचारी का आखिरी वेतन ₹60,000 है और उसने 30 साल नौकरी की है, तो उसकी पेंशन लगभग ₹30,000 प्रतिमाह होगी। वहीं, प्राइवेट सेक्टर में EPFO या NPS जैसी योजनाओं के तहत कर्मचारी और नियोक्ता दोनों मिलकर हर महीने एक निश्चित राशि जमा करते हैं। यह राशि समय के साथ ब्याज जोड़कर बढ़ती जाती है। रिटायरमेंट के समय यह कुल फंड पेंशन या एकमुश्त राशि के रूप में दिया जाता है।
सरकारी और निजी क्षेत्र के पेंशन नियमों में अंतर
सरकारी कर्मचारियों को निश्चित पेंशन (Defined Benefit Pension) मिलती है, जबकि निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए यह योगदान आधारित (Defined Contribution Pension) होती है। सरकारी योजना में पेंशन राशि पहले से तय होती है, जबकि निजी योजनाओं में निवेश पर मिलने वाले रिटर्न के अनुसार पेंशन बदल सकती है। साथ ही, सरकारी पेंशन में महंगाई भत्ता (DA) भी शामिल होता है, जिससे समय के साथ पेंशन बढ़ती रहती है। EPFO या NPS जैसी योजनाओं में पेंशन की राशि इस बात पर निर्भर करती है कि आपने अपने कार्यकाल में कितना योगदान किया और उस पर कितना ब्याज मिला। दोनों ही सेक्टरों में अब डिजिटल पेंशन कैलकुलेटर उपलब्ध हैं जो सटीक अनुमान लगाने में मदद करते हैं।
ऑनलाइन पेंशन कैलकुलेटर का उपयोग
आज के डिजिटल युग में ऑनलाइन पेंशन कैलकुलेटर का इस्तेमाल करके आप आसानी से अपनी पेंशन का अनुमान लगा सकते हैं। आपको बस अपनी उम्र, सेवा अवधि, वेतन और योगदान राशि भरनी होती है। कैलकुलेटर अपने आप अनुमानित पेंशन राशि बता देता है। इस टूल की मदद से आप यह भी देख सकते हैं कि अगर आप अपने योगदान में थोड़ी बढ़ोतरी करते हैं तो पेंशन कितनी बढ़ सकती है। खास बात यह है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह मुफ्त और पारदर्शी है। कई सरकारी और निजी संस्थान अपने आधिकारिक पोर्टल पर यह सुविधा दे रहे हैं ताकि रिटायरमेंट से पहले ही लोग अपनी वित्तीय स्थिति को समझ सकें और निवेश के फैसले सही समय पर ले सकें।
रिटायरमेंट प्लानिंग में ध्यान देने योग्य बातें
रिटायरमेंट के बाद स्थिर आय बनाए रखने के लिए पहले से योजना बनाना बहुत जरूरी है। सबसे पहले, आपको यह तय करना चाहिए कि आपकी जीवनशैली के अनुसार हर महीने कितनी राशि की जरूरत होगी। उसके बाद उसी हिसाब से पेंशन योजना चुनें — जैसे NPS, EPFO, या अटल पेंशन योजना। साथ ही, निवेश करते समय महंगाई और टैक्स लाभों को भी ध्यान में रखना चाहिए। अगर आप जल्दी योजना बनाते हैं तो ब्याज की कंपाउंडिंग से आपका फंड काफी बड़ा हो सकता है।
