School Holidays 2025 – इस साल देशभर के कई राज्यों में स्कूलों की सर्दियों की छुट्टियों का शेड्यूल पहले से जारी कर दिया गया है। यह समय बच्चों के लिए काफ़ी रोमांचकारी होता है, क्योंकि वे न केवल पढ़ाई के तनाव से दूर रहते हैं, बल्कि परिवार के साथ घूमने, खेलने और नई चीज़ें सीखने का मौका भी मिलता है। कई राज्यों में नवंबर के आख़िरी सप्ताह से लेकर दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक लंबी छुट्टियाँ घोषित की गई हैं, जो छात्रों और शिक्षकों दोनों के लिए राहत भरी हैं। स्कूल प्रशासन का कहना है कि यह समय परीक्षाओं की तैयारी और रिफ्रेश होने के लिए भी बेहद उपयोगी रहता है।

सर्दियों की छुट्टियों की अवधि कितनी होगी?
नवंबर-दिसंबर की छुट्टियों की अवधि राज्य और शिक्षा बोर्ड के अनुसार बदलती है, लेकिन ज्यादातर राज्यों में यह न्यूनतम 10 दिनों से अधिकतम 25 दिनों तक रहने वाली है। पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड अधिक होने के कारण वहां की छुट्टियाँ और भी लंबी हो सकती हैं। कई जगहों पर सरकारें तापमान और मौसम की स्थिति के अनुसार छुट्टियों की तारीखों में बदलाव भी कर सकती हैं। इस बार स्कूलों में गर्म कपड़ों और हीटिंग व्यवस्था को लेकर भी विशेष दिशानिर्देश जारी किए गए हैं, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। तापमान में गिरावट और मौसम में बदलाव को देखते हुए अभिभावकों से भी अनुरोध किया गया है कि वे बच्चों के स्वास्थ्य का खास ध्यान रखें। यह छुट्टियाँ पूरी तरह से छात्रों के आराम और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निर्धारित की गई हैं।
छुट्टियों का लाभ कैसे उठाएँ?
छुट्टियाँ सिर्फ़ आराम करने के लिए नहीं होतीं, बल्कि यह समय बच्चों के सर्वांगीण विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस दौरान माता-पिता अपने बच्चों को किसी हॉबी क्लास, खेल, आर्ट, म्यूजिक या अन्य गतिविधियों में शामिल कर सकते हैं। किताबें पढ़ना, पहेलियाँ हल करना, परिवार के साथ समय बिताना और प्रकृति को समझना भी इस समय का हिस्सा हो सकता है। छुट्टियों में बच्चों को मोबाइल और टीवी से दूर रखकर अधिक इंटरऐक्टिव और फिजिकल एक्टिविटीज़ में शामिल करना उनके मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हो सकता है।
इन छुट्टियों में घूमने के लिए बेहतरीन स्थान
अगर आप छुट्टियों में अपने बच्चे के साथ घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो भारत में कई शानदार विकल्प मौजूद हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में शिमला, मनाली, मसूरी और नैनीताल परिवार के लिए आरामदायक और मज़ेदार गंतव्य साबित हो सकते हैं। वहीं, अगर आप समुद्री वातावरण का आनंद लेना चाहते हैं, तो गोवा, पुरी, दीघा और कर्नाटक के तटीय क्षेत्र बेहतरीन हैं। ऐतिहासिक ज्ञान और सांस्कृतिक अनुभव के लिए जयपुर, उदयपुर, आगरा और दिल्ली जैसे शहर भी आकर्षक हैं। यात्रा बच्चों के सामान्य ज्ञान को बढ़ाने, नए अनुभव देने और परिवार के साथ समय को यादगार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
छुट्टियों में बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी सावधानियाँ
लंबी छुट्टियाँ आने का मतलब यह नहीं कि पढ़ाई पूरी तरह छोड़ दी जाए। अगर बच्चे पढ़ाई से पूरी तरह दूर हो जाएँ, तो छुट्टियों के बाद फिर से पढ़ाई की रफ्तार पकड़ना मुश्किल हो सकता है। इसलिए रोज़ 1 से 2 घंटे हल्की और रोचक पढ़ाई की आदत बनाए रखना अच्छा होता है। अभिभावक बच्चों को कहानियों की किताबें पढ़ने, राशन-पानी की गणना जैसे दैनिक जीवन के छोटे-छोटे शिक्षण अनुभव देने और रोचक शैक्षिक गेम खिलाने पर ध्यान दे सकते हैं। इससे उनकी सीखने की क्षमता बनी रहती है और छुट्टियों का आनंद भी कम नहीं होता। लक्ष्य यह है कि बच्चे सीखें भी और छुट्टियों को एन्जॉय भी करें।
