Senior Citizens – बढ़ती उम्र के साथ सुरक्षित निवेश की तलाश हर वरिष्ठ नागरिक की पहली प्राथमिकता होती है। ऐसे में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) स्कीम्स एक भरोसेमंद विकल्प बन जाती हैं, जो न केवल पूंजी को सुरक्षित रखती हैं बल्कि नियमित ब्याज आय भी देती हैं। हाल के महीनों में, कई बैंकों ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए अपने ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है, जिससे उन्हें सामान्य ग्राहकों से अधिक रिटर्न मिल रहा है। 5 साल की एफडी पर ब्याज दरें अब 7.5% से लेकर 8.5% तक पहुंच चुकी हैं, जो रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों को पूरा करने के लिए एक शानदार अवसर है। खास बात यह है कि इन योजनाओं में जोखिम बिल्कुल नहीं है और ब्याज भी तिमाही या मासिक आधार पर लिया जा सकता है। इससे सीनियर सिटीजंस को हर महीने एक स्थिर आमदनी का स्रोत मिल जाता है, जिससे उनका बुढ़ापा निश्चिंत और आनंदमय बनता है।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए बढ़ा हुआ ब्याज रेट का फायदा
पिछले कुछ महीनों में, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की नीतियों के चलते बैंकों ने अपनी डिपॉजिट दरों में सुधार किया है। इसका सीधा लाभ अब सीनियर सिटीजंस को मिल रहा है, जिन्हें आम निवेशकों की तुलना में 0.50% से 0.75% तक ज्यादा ब्याज दिया जा रहा है। उदाहरण के लिए, अगर सामान्य ग्राहक को 5 साल की एफडी पर 7.25% ब्याज मिलता है, तो सीनियर सिटीजंस को वही एफडी 8% तक रिटर्न दे सकती है। इस अंतर से उन्हें हर साल हजारों रुपये का अतिरिक्त लाभ हो सकता है। यह स्कीम खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो पेंशन या ब्याज आय पर निर्भर रहते हैं। बढ़ा हुआ ब्याज रेट उन्हें हर महीने एक बेहतर कैश फ्लो प्रदान करता है, जिससे उनकी आर्थिक सुरक्षा और स्वतंत्रता दोनों मजबूत होती हैं।
इन 5 बैंकों की एफडी स्कीम सबसे बेहतर
फिलहाल जिन बैंकों ने सीनियर सिटीजंस के लिए सबसे आकर्षक ब्याज दरें घोषित की हैं, उनमें SBI, HDFC Bank, ICICI Bank, Axis Bank और IDFC First Bank प्रमुख हैं। इन बैंकों की 5 साल की एफडी स्कीम्स में ब्याज दरें 7.8% से लेकर 8.5% तक हैं। SBI अपने वरिष्ठ नागरिक ग्राहकों को विशेष ‘वी केयर’ स्कीम के तहत अतिरिक्त 0.5% ब्याज देता है, जबकि HDFC और ICICI Bank ने भी ‘सीनियर सिटीजंस एडवांटेज’ ऑफर लॉन्च किया है। IDFC First Bank ने तो 8.5% तक का ब्याज रेट पेश कर बाजार में चर्चा बटोरी है। इन एफडी योजनाओं का सबसे बड़ा फायदा यह है कि ब्याज हर तीन महीने या हर महीने लिया जा सकता है, जिससे नियमित आय बनी रहती है।
एफडी में निवेश से जुड़ी सावधानियां
हालांकि एफडी को सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन निवेश करने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। वरिष्ठ नागरिकों को यह देखना चाहिए कि बैंक की क्रेडिट रेटिंग मजबूत हो और ब्याज दरें स्थिर रहें। एफडी तोड़ने पर पेनल्टी लग सकती है, इसलिए केवल उतनी ही राशि निवेश करें जिसकी जरूरत निकट भविष्य में न पड़े। इसके अलावा, टैक्स बचाने के लिए 5 साल की टैक्स-सेविंग एफडी भी एक अच्छा विकल्प हो सकती है।
रिटायरमेंट के बाद एफडी क्यों है बेहतर विकल्प
रिटायरमेंट के बाद स्थायी आय का स्रोत सबसे बड़ा सहारा होता है, और एफडी इस जरूरत को बखूबी पूरा करती है। यह निवेश पूरी तरह सुरक्षित है और ब्याज दरें पहले से तय होती हैं, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव का असर नहीं पड़ता। वरिष्ठ नागरिक अपने मासिक खर्चों, स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम या घरेलू जरूरतों के लिए एफडी से मिलने वाले ब्याज का उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा, ऑनलाइन एफडी अकाउंट खोलने की सुविधा से सीनियर सिटीजंस को बैंक जाने की जरूरत नहीं पड़ती।
