Senior Citizens Scheme – बुजुर्गों के लिए सरकार ने एक ऐसा नया support model तैयार किया है, जिसमें हर महीने ₹12,500 की राशि सीधे उनके बैंक खाते में पहुंचाई जाएगी, बिना किसी आवेदन या बैंक की दौड़धूप के। यह योजना खास तौर पर उन वरिष्ठ नागरिकों के लिए है जो या तो पेंशन के हकदार नहीं हैं या जिनकी मासिक आमदनी बहुत कम है। इस मॉडल के तहत पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और ऑटोमैटिक बनाया गया है ताकि बुजुर्गों को किसी तरह की परेशानी न हो। डेटा आधार कार्ड और बैंक लिंकिंग के ज़रिए स्वतः ही लाभार्थियों का चयन किया जाएगा, जिससे किसी को लाइन में लगने या फॉर्म भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह कदम न सिर्फ वित्तीय सुरक्षा देगा, बल्कि देश के लाखों बुजुर्गों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

सरकार का नया ऑटोमैटिक सपोर्ट मॉडल
इस योजना में सरकार ने तकनीकी व्यवस्था को इतना आसान बना दिया है कि हर पात्र बुजुर्ग को बिना किसी दस्तावेज़ी प्रक्रिया के पैसा मिल सकेगा। आधार-बेस्ड वेरिफिकेशन के माध्यम से सभी पात्र व्यक्तियों की पहचान की जाएगी और उनका बैंक अकाउंट लिंक होने पर ₹12,500 प्रतिमाह अपने आप जमा होगा। इस मॉडल को Social Security Automation Program के तहत लाया गया है, ताकि पुराने पेपरवर्क सिस्टम को खत्म किया जा सके। अधिकारी बताते हैं कि इस स्कीम से रिटायर बुजुर्गों और कम आय वर्ग के लोगों को तुरंत राहत मिलेगी। यह सिस्टम एक बार शुरू होने के बाद किसी रिन्युअल की आवश्यकता नहीं रखता और जीवन प्रमाण पत्र की झंझट भी खत्म कर देता है।
कैसे मिलेगा हर महीने ₹12,500
इस योजना की खासियत यह है कि लाभार्थियों को कुछ भी आवेदन नहीं करना होगा। सरकार पहले से मौजूद आधार डाटा और बैंक रिकॉर्ड के माध्यम से यह तय करेगी कि कौन-कौन पात्र है। जिन बुजुर्गों की उम्र 60 वर्ष से अधिक है और जिनकी मासिक आय ₹15,000 से कम है, उन्हें यह लाभ मिलेगा। यह राशि हर महीने आटो ट्रांसफर के रूप में सीधे खाते में जाएगी। यदि किसी बुजुर्ग की मृत्यु हो जाती है, तो सिस्टम अपने आप उस अकाउंट को निष्क्रिय कर देगा। सरकार का उद्देश्य है कि किसी बुजुर्ग को पेंशन सेंटर या बैंक शाखा तक जाने की जरूरत न पड़े, सब कुछ घर बैठे डिजिटल रूप में हो।
योजना का मुख्य उद्देश्य और फायदा
इस मॉडल का मुख्य उद्देश्य है कि किसी भी वरिष्ठ नागरिक को आर्थिक तंगी का सामना न करना पड़े। भारत में लाखों ऐसे बुजुर्ग हैं जिनके पास रोजगार का साधन या नियमित पेंशन नहीं है। यह नई व्यवस्था उनके जीवन में स्थिरता और सम्मान लाएगी। हर महीने की यह तय राशि जीवन निर्वाह के लिए एक मजबूत आधार बनेगी। सरकार का दावा है कि इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले बुजुर्गों को भी समान लाभ मिलेगा। इस स्कीम से समाज में समानता और वित्तीय सुरक्षा दोनों का संतुलन बनेगा, जिससे देश के वरिष्ठ नागरिक आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
भविष्य में बढ़ेगा मासिक लाभ और कवरेज
सरकार की योजना है कि आने वाले वर्षों में इस राशि को ₹15,000 या ₹18,000 तक बढ़ाया जाए। साथ ही, हेल्थ इंश्योरेंस और दवा सहायता जैसे अतिरिक्त लाभ भी जोड़े जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले सीनियर सिटीजन्स के लिए विशेष सर्वे टीम बनाई जा रही है, जो पात्र लोगों की पहचान कर सके। यह स्कीम 2026 तक पूरे देश में लागू करने की तैयारी में है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मॉडल देश में वृद्ध कल्याण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा, जो बुजुर्गों के आर्थिक भविष्य को पूरी तरह बदल सकता है।
